कोरोना का असर - किसान 25 फीसदी नीचे दाम पर दूध बेचने को मजबूर, महाराष्ट्र सरकार खरीद जारी रखेगी

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published Published on Jun 30, 2020   modified Modified on Jun 30, 2020

-आउटलुक,

कोरोना काल में दूध की खपत घटने की सीधी मार किसानों पर पड़ी है। खपत कम होने की वजह से किसानों को दूध 25 फीसदी तक नीचे दाम पर बेचने को मजबूर हैं। महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई अंत तक राज्य के किसानों से 25 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध की खरीद जारी रखने का फैसला किया है।

होटल, रेस्तरां, कैंटीन और हलवाई की दुकानों में दूध की खपत घट जाने से इसकी कीमतों में गिरावट आई है। लॉकडाउन से पहले किसान जिस भाव पर दूध बेच रहे थे, उसके मुकाबले अब करीब 25 फीसदी कम भाव पर बेचने को मजबूर हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है, जहां रोजाना करीब 50 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन होता है। कोरोना काल में शादी-समारोह व अन्य बड़े आयोजनों पर पाबंदी होने और होटल, रेस्तरां तथा कैंटीन ठीक ढंग से नहीं खुलने के कारण दूध और इससे बने उत्पाद खासतौर से आइसक्रीम की मांग पर असर पड़ा है। इसी वजह से खपत कम हो जाने के कारण किसानों को दूध का उचित भाव नहीं मिल रहा है।

अनलॉक होने पर इस महीने दूध के दाम में हल्का सुधार जरुर आया है

उत्तर प्रदेश के 10 जनपदों में किसानों से दूध खरीदने वाले किसान उत्पादक संगठन सहज मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सीईओ बसंत चौधरी ने बताया कि कोरोना का कहर बरपने से पहले किसानों को जहां एक किलो दूध का भाव 44 रुपये मिलता था, वहां देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान दूध का भाव 30 रुपये प्रति किलो तक गिर गया था। हालांकि अनलॉक होने पर इस महीने दूध के दाम में थोड़ा सुधार हुआ है। बसंत चौधरी ने बताया कि इस समय उनकी कंपनी किसानों से 37 रुपये प्रति लीटर दूध खरीद रही है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी दरअसल किसानों का ही संगठन है, इसलिए थोड़ा ज्यादा भाव पर दूध खरीद रही है, लेकिन निजी डेयरी कंपनियां इस समय भी 32 से 33 रुपयेक प्रति लीटर के भाव पर दूध खरीद रही है।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


आउटलुक ब्यूरो, https://www.outlookhindi.com/agriculture/news/corona-effect-farmers-forced-to-sell-milk-at-25-below-price-maharashtra-government-will-continue-buying-50025


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