दिल्लीः यमुना में फिर घुला कैमिकलयुक्त ज़हर, एनजीटी सख्त

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published Published on Aug 7, 2020   modified Modified on Aug 7, 2020

-वाटर पोर्टल,

यमुना नदी दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में शुमार है, लेकिन लाॅकडाउन के दौरान अप्रैल में कई दशकों बाद दिल्ली में यमुना का पानी आश्चर्यजनक तरीके से साफ हो गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम ने 6 अप्रैल को यमुना में पल्ला गांव, निजामुद्दीन पुल और ओखला बैराज से पानी के सैंपल लिए थे। रिपोर्ट के अनुसार पल्ला गांव में पीएच लेवल 8.7 से घटकर 7.8 हो गया था, जबकि डीओ लेवल 17.1 मिलीग्राम प्रति लीटर से 8.3 मिलीग्राम प्रति लीटर, बीओडी 7.9 मिलीग्राम प्रति लीटर से 2.0 मिलीग्राम प्रति लीटर और सीओडी 28 मिलीग्राम प्रति लीटर से 6 मिलीग्राम प्रति लीटर हो गया था। निजामुद्दीन पुल के पास पीएच का स्तर 7.3 से 7.2, डीओ 2.4, बीओडी 57 मिलीग्राम प्रति लीटर से 5.6 मिलीग्राम प्रति लीटर और सीओडी 90 मिलीग्राम प्रति लीटर से 16 मिलीग्राम प्रति लीटर हो गया था। पल्ला गांव से लेकर वजीराबाद बैराज तक पानी अपेक्षाकृत साफ रहता था, लेकिन निजामुद्दीन पुल और ओखला बैराज तक यमुना में सैंकड़ों नाले गिरते हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक ओखला बैराज पर यमुना में पीएच स्तर 7.2 से घटकर 7.1 हो गया था, जबकि डीओ 1.2 मिलीग्राम प्रति लीटर, बीओडी 27 मिलीग्राम प्रति लीटर से घटकर 6.1 मिलीग्राम प्रति लीटर और सीओडी 95 मिलीग्राम प्रति लीटर से 18 मिलीग्राम प्रति लीटर हो गई थी। नजफगढ़ और शाहदरा नालों से भी सैंपल दिए गए थे, जिनके बीओडी लेवल में 45 प्रतिशत तक का सुधार देखने को मिला था। नजफगढ़ ड्रेन से यमुना में 1938 एलएलडी वेस्ट गिरता है, इस नाले में पीएच स्तर में कोई सुधार नहीं आया और वो 7.2 ही था, लेकिन एसएस 152 मिलीग्राम प्रति लीटर से घटकर 106 मिलीग्राम प्रति लीटर, बीओडी स्तर 78 मिलीग्राम प्रति लीटर से 55 मिलीग्राम प्रति लीटर और सीओडी 271 मिलीग्राम प्रति लीटर से 150 मिलीग्राम प्रति लीटर हो गया था, जबकि शाहदरा ड्रेन में पीएच स्तर 7.1 से 7.2 हो गया था, जबकि एसएस 464 मिलीग्राम प्रति लीटर से 305 मिलीग्राम प्रति लीटर, बीओडी 163 मिलीग्राम प्रति लीटर से 89 मिलीग्राम प्रति लीटर और सीओडी 574 मिलीग्राम प्रति लीटर से घटकर 383 हो गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि यमुना के जल में ऑक्सीजन की मात्रा 33 प्रतिशत तक बढ़ गई है। यमुना के साफ होने की चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी। हर कोई तारीफ कर रहा था और सरकार से यमुना को फिर से प्रदूषित न होने देने की अपील भी कर रहा था, लेकिन सुर्खियों से दिल्ली का पुराना नाता है। इस बार दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में शुमार ‘यमुना’ की वहज से सुर्खियों ने फिर से दिल्ली के दरवाजे पर फिर दस्तक दे दी है।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


हिमांशु भट्ट, https://hindi.indiawaterportal.org/content/delhi-mein-yamuna-nadi-mein-pradushan-ngt-sakht/content-type-page/1319335888


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