Covid lockdown में बेचे गए नकली कीटनाशकों ने कश्मीरी सेबों की गुणवत्ता और कीमत गिरा दी

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published Published on Oct 18, 2020   modified Modified on Oct 18, 2020

-द प्रिंट,

कोविड-19 लॉकडाउन का कश्मीर में सेब उद्योग पर अप्रत्याशित प्रतिकूल असर पड़ा है. गुणवत्ता जांच में कमी, बाजार में नकली और घटिया कीटनाशकों की भरमार आदि ने इस वर्ष अधिकांश पैदावार पर, दागी होने की वजह से, गुणवत्ता के लिहाज से ‘बी कैटेगरी’ का ठप्पा लगवा दिया है.

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में मुख्य फल मंडी के अध्यक्ष अशरफ वानी के अनुसार इस क्षेत्र में हर साल लगभग 3.5 लाख मीट्रिक टन फल, खासकर सेब का उत्पादन होता है. लगभग 80 प्रतिशत पैदावार आमतौर पर ‘ए कैटेगरी’ में दर्ज की जाती है.

वानी ने दिप्रिंट को बताया, ‘पिछले साल 5 अगस्त (जब अनुच्छेद 370 हटा था) के बाद लॉकडाउन के कारण हमें बहुत नुकसान हुआ था. इस साल उम्मीद कर रहे थे कि हमारा कारोबार फिर सामान्य हो जाएगा लेकिन कोरोना लॉकडाउन के दौरान व्यापारियों ने बाजार को नकली कीटनाशक से भर दिया. नतीजा यह हुआ कि हमारी उपज खराब हो गई.’

उन्होंने आगे कहा, ‘उत्पादकों ने नकली कीटनाशकों का इस्तेमाल किया, जिसका नतीजा यह हुआ सेब दागी हो गए और यहां तक कि उनमें फंगस भी लग गई. यही कारण है कि हमारी पैदावार का 70-80 प्रतिशत हिस्सा इस बार बी कैटेगरी में आ गया है.’

व्यापारियों ने ज्यादा लाभ के लिए नकली कीटनाशक बेचे
सरकार के मार्केटिंग इंस्पेक्टर रियाज अहमद ने माना कि बाजार में बहुत ज्यादा नकली कीटनाशक बेचे गए और यही गुणवत्ता में गिरावट का एक मूल कारण है.

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


स्नेहेश एलेक्स फिलिप, https://hindi.theprint.in/india/fake-pesticide-sold-during-covid-lockdown-affect-quality-and-price-of-kashmiri-apples/177769/


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