मुस्लिम युवक का हाथ काटा, परिजनों का मॉब लिंचिग का आरोप

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published Published on Sep 14, 2020   modified Modified on Sep 15, 2020

-न्यूजलॉन्ड्री,

शुक्रवार, 11 सितम्बर को न्यूजलॉन्ड्री की टीम दोपहर करीब 3 बजे सहारनपुर जिले के ननौता कस्बे में पहुंची. वहां हमरी मुलाकात इखलाक सलमानी से उनके औसत से घर में हुई. इखलाक़ चारपाई पर लेटे हुए थे. लकड़ी के सहारे एक टूटी फूटी सी टीन डाली हुई थी, जिसमें बिजली या पंखे का कोई साधन नहीं था, उसी के नीचे घायल इखलाक को लिटाया हुआ था. उनके बड़े भाई इकबाल हाथ के पंखे से उन्हें हवा कर रहे थे.

चरपाई पर लेटे हुए इखलाक बार-बार शरीर पर लगी चोटों और कोहनी से थोड़ा नीचे कटे दाहिने हाथ में हो रहे दर्द से कराहने लगते थे. इखलाक के सारे शरीर पर चोट के निशान थे. वो उठने बैठने की स्थिति में भी नहीं थे. माथे पर एक गहरा घाव था. उनके भाइयों ने बताया कि सीमेंट की ईंट से इसके सिर पर वार किया गया है. उन्होंने हमें घटनास्थल से मिली ईंट का फोटो भी दिखाया जो उन्होंने संभाल कर रख लिया है. चोट के कारण इकराम करवट भी नहीं ले पा रहे थे. उनके भाई उसे करवट दिलवाते और लेटे-लेटे पानी पिला रहे थे.

परिवार के लोगों के मुताबिक, 23 अगस्त को इखलाक काम की तलाश में पानीपत गया था. वहां कुछ लोगों ने मुस्लिम होने के कारण उसके साथ मारपीट की और उसके हाथ पर 786 गुदा हुआ देखकर उसका हाथ काट दिया. इसके बाद उसे मरा समझ कर हमलावर रेलवे लाइन पर फेंक कर चले गए.

घटना के बाद से ही आस-पड़ोस के लोगों का घर आना-जाना लगा हुआ था. जिसके लिए वहां 4-6 कुर्सियां रखी हुई थीं. स्थानीय सांसद फजलुर्रहमान सहित जिले के अन्य नेता भी इखलाक का हाल-चाल लेने आए थे. घर की माली हालत खराब होने के बावजूद किसी से भी कोई फौरी मदद अभी तक नहीं मिली है.

घटना की शुरुआत

इखलाक के बड़े भाई इकराम सलमानी ने हमें विस्तार से घटना के बारे में जानकारी दी,“हम यहीं ननौता में हेयर ड्रेसर का काम करते हैं. कोरोना और लॉकडाउन के कारण हमारे काम पर बहुत बुरा असर हुआ है. इस कारण काम बंद होने से मेरा छोटा भाई इखलाक सलमानी काम की तलाश में हरियाणा के पानीपत गया था. जहां किशनपुरा इलाके में एक पार्क में ये आराम कर रहा था. इसी दौरान दो अधेड़ उम्र के व्यक्ति वहां पहुंचे. उन्होंने शराब पी रखी थी. उन्होंने आकर इसका नाम पूछा और सीधे हाथ पर ‘786’ गुदा हुआ देखकर उसके साथ मारपीट करने लगे. मुसलमान होना तो अब गुनाह हो गया है.”

इकराम बताते हैं, “इखलाक ने उन्हें बताया था कि इसके बाद जब उसे प्यास लगी तो उसने रात में पास ही स्थित एक घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वह घर उन्हीं लोगों का था जिन्होंने उसके साथ मारपीट की थी. इसके बाद वे उसे अंदर ले गए और 2 महिलाओं सहित लगभग 6-7 लोगों ने उसके साथ जमकर मारपीट की और उसके 786 वाले दाहिने हाथ को आरा मशीन से काट दिया और पास ही स्थित रेलवे लाइन पर मरा हुआ समझ कर फेंक दिया. पूरी रात बेहोश रहने के बाद सुबह इसे जब कुछ होश आया तो इसने घर फोन किया. तब मैंने पानीपत में अपने संबंधियों को घटना के बारे में बताया. वो लोग इसे पहले पानीपत के सरकारी अस्पताल ले गए फिर वहां से रोहतक मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया.”

इकराम और परिजनों ने इस घटना में पुलिस की मिलीभगत के साथ ही इलाज में लापरवाही का आरोप भी लगाया है.जिस कारण इसे देखने में भी परेशानी हो रही है.

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


मोहम्मद ताहिर शब्बीर, https://www.newslaundry.com/2020/09/14/ikhlaq-salmani-mob-lynching-case-in-panipat
 

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