सुकमा मुठभेड़ में मारे गये 17 जवानों में से 16 छत्तीसगढ़ के ही आदिवासी हैं!

Share this article Share this article
published Published on Mar 24, 2020   modified Modified on Mar 24, 2020

-मीडियाविजिल,

देश भर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या अब तक कुल 9 है लेकिन छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एल्मागुड़ा के करीब शनिवार दोपहर को माओवादियों के साथ मुठभेड़ में मारे गये पुलिसवालों की संख्या 17 है। इन मौतों पर कहीं चर्चा नहीं है। विडम्बना है कि इन 17 में से 16 लाशें आदिवासियों की हैं और सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले निचले दरजे के पुलिसकर्मी हैं।

शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि इस मुठभेड़ में 15 सिपाही घायल हुए थे और दो बुरी तरह ज़ख्मी थे, जिन्हें एयरलिफ्ट कर के शनिवार की शाम इलाज के लिए रायपुर ले जाया गया था। इन्हीं में एसटीएफ के पांच और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के 12 जवान यानी कुल 17 लापता बताये गये थे।

रविवार को सर्च आँपरेशन में इन्हीं 17 जवानों की लाशें बरामद की गयी हैं। मीडियाविजिल को प्राप्त एक्सक्लूसिव तस्वीरें दिल दहलाने वाली हैं।

मीडियाविजिल के स्थानीय प्रतिनिधि के मुताबिक सुकमा के बुरकापाल और चिंतागुफा में तैनात पुलिसवालों और कोबरा की एक टीम इलाके में गुप्तचर सूचना के आधार एक बड़ा आपरेशन करने गयी थी।

इसी बीच शनिवार की दोपहर माओवादियों ने इन्हें चारों तरफ से घेर लिया और हमला कर दिया जिसमें 17 जवान मारे गये।

रिजर्व गार्ड के मारे गये 12 सिपाहियों में सभी स्थानीय आदिवासी हैं। एसटीएफ के पांच मृत जवानों में चार आदिवासी बताये जाते हैं।

बस्तर के आइजी सुंदरराज ने रिपोर्टरों को बताया कि करीब 600 जवानों की टीम इलाके में आपरेशन के लिए गयी थी। दूसरी ओर करीब 250 माओवादी थे। मुठभेड़ करीब तीन घंटा चली।

पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.


मीडियाविजिल, http://www.mediavigil.com/news/16-out-of-17-jawans-killed-in-sukma-encounter-with-maoists-are-tribals/


Related Articles

 

Write Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close