वैज्ञानिकों ने विकसित की फसलों में शीथ ब्लाइट रोग नियंत्रण की नयी पद्धति

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published Published on Oct 17, 2020   modified Modified on Oct 17, 2020

उमाशंकर मिश्र, इंडिया साइंस,

चावल दुनिया भर में प्रचलित एक मुख्य भोजन है और भारत वैश्विक स्तर पर चावल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। चावल का उत्पादन कई जैविक और अजैविक कारकों पर निर्भर करता है। नेक्रोट्रॉफिक फंगल रोगजनक (राइजोक्टोनिया सोलानी) बैक्टीरिया के कारण होने वाला शीथ ब्लाइट रोग चावल और अन्य कई फसलों के लिए एक बड़ा खतरा है। नई दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांट जीनोम रिसर्च (एनआईपीजीआर) के शोधकर्ताओं के एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि राइजोक्टोनिया सोलानी की कार्यप्रणालीमें संशोधन, शीथ ब्लाइट के विरुद्ध प्रभावी रणनीति विकसित करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। इस अध्ययन से जुड़े एनआईपीजीआर के प्रमुख शोधकर्ता डॉ गोपालजी झा ने बताया, "टमाटर की फसल में सी2एच2 जिंक ट्रांसक्रिप्शन फैक्टर आरएस_सीआरजेड1 को निष्क्रिय करना राइजोक्टोनिया सोलानी के कारण उभरने वाले रोग को प्रभावित करता है।

सामान्य पौधों से तुलना करने पर पाया गया है कि आरएस_सीआरजेड1 को निष्क्रिय करने पर रोग की दर में महत्वपूर्ण रूप से गिरावट आती है। हमने पाया कि आरएस_सीआरजेड1 रोगजनक बैक्टीरिया को रोग की विकास प्रक्रिया के दौरान प्रतिरोधी वातावरण से निपटने के लिए सक्षम बनाता है।" आणविक जीवविज्ञान में ट्रास्क्रिप्शन फैक्टर ऐसे प्रोटीन को कहते हैं, जो डीएनए से मैसेंजर आरएनए में आनुवंशिक सूचनाओं के ट्रांस्क्रिप्शन की दर को नियंत्रित करता है।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


उमाशंकर मिश्र, https://www.gaonconnection.com/kheti-kisani/scientists-developed-new-method-of-sheath-blight-diseashttps://www.gaonconnection.com/kheti-kisani/scientists-developed-new-method-of-sheath-blight-disease-control-in-crops-48200?infinitescroll=1


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