सैन्य कार्रवाई के डर से 10 हज़ार से ज़्यादा रोहिंग्या फिर घर छोड़कर भागे, 40 गांव ख़ाली

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published Published on Jun 30, 2020   modified Modified on Jun 30, 2020

-एशियाविल,

खाइन प्रांत के सुरक्षा एवं सीमा मामलों के मंत्री द्वारा पिछले शुक्रवार को आदेश रद्द किए जाने के बाद भी पिछले पूरे हफ्ते तक 40 से अधिक गांवों से पलायन जारी रहा.

पश्चिमी म्यामार के उस इलाक़े से हज़ारों लोग बीते एक हफ़्ते से अपना गांव-घर छोड़कर भाग रहे हैं, जहां सरकार और नस्ली विद्रोहियों के बीच संघर्ष चल रहा है. सैन्य कार्रवाई के डर से रोहिंग्या समुदाय के लोगों का पलयान फिर से शुरू हो गया है.  

अधिकारियों द्वारा इलाक़े को ख़ाली करने के आदेश के बाद लोगों का यह पलायन शुरू हुआ है. रखाइन प्रांत की सरकार ने पिछले मंगलवार को एक आदेश जारी कर राथेडॉन्ग उपनगर के गांव प्रशासकों को वहां के निवासियों को घर से दूर रहने के लिए बताने का निर्देश दिया था क्योंकि सेना विद्रोहियों के ख़िलाफ़ “सफ़ाया अभियान” चलाने की योजना बना रही है.

सामाजिक मुद्दों, विरोध-प्रदर्शनों, मानवीय त्रासदियों की तस्वीरें...रोहिंग्या के ख़िलाफ़ युद्ध अपराध हुए, जनसंहार नहीं, म्यांमार सरकार के जांच पैनल ने सेना को दी क्लीन चिटरोहिंग्या मानवाधिकार उल्लंघन पर UN की म्यांमार को फटकार, पास किया निंदा प्रस्तावम्यांमार में सजा काट रहे रॉयटर्स के दोनों पत्रकार रिहा

“सफाया अभियान’” चरमपंथ के ख़िलाफ़ म्यामांर सेना की कार्रवाई को परिभाषित करने वाला शब्द है. रखाइन प्रांत के सुरक्षा एवं सीमा मामलों के मंत्री द्वारा पिछले शुक्रवार को आदेश रद्द किए जाने के बाद भी पिछले पूरे हफ्ते तक 40 से अधिक गांवों से पलायन जारी रहा. राथेडॉन्ग उपनगर के लिए संसद के ऊपरी सदन के सदस्य खिन माउंग लट ने सोमवार को कहा, “जब से यह आदेश जारी किया गया, तब से 10,000 से ज़्यादा लोग अभियान वाले इलाक़े के अपने गांव छोड़कर चले गए.”


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एशियाविल, https://hindi.asiavillenews.com/article/thousands-rohingya-flee-in-myanmar-military-operation-conflict-between-myanmar-government-and-ethnic-insurgents-continues-thousands-of-people-flee-49580


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