अमेरिका चुनाव 2020 का परिणाम तय करेगा दुनिया के जलवायु मुद्दों का भविष्य

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published Published on Nov 4, 2020   modified Modified on Nov 4, 2020

-डाउन टू अर्थ,

जैसा कि अमेरिका में चुनाव की रात होता आया है, राष्ट्रपति पद के लिए दो उम्मीदवारों के घोषित रुख पर एक नजर डाला जाता है, जिससे यह भी पता चलता है कि चुनाव बाद वैश्विक जलवायु आंदोलन की क्या स्थिति होगी।  वैश्विक जलवायु से संबंधित चुनिंदा मुद्दों पर रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड जॉन ट्रम्प और डेमोक्रेटिक पार्टी के जोसेफ बिडेन में काफी अंतर है। जहां बिडेन एक संतुलित स्वरूप के साथ नजर आते हैं वहीं ट्रंप का दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि वे वैश्विक जलवायु आंदोलन के साथ समझौता नहीं कर रहे हैं। 

आइए इन बातों पर एक नजर डालते हैं। 

सबसे पहले, जलवायु योजना पर विचार करते हैं। एक तरफ बिडेन ने 2 खरब डॉलर की जलवायु योजना की घोषणा की है, जिसके तहत 2035 तक 100 प्रतिशत स्वच्छ बिजली प्रदान करने का वादा है तो 2050 तक "नेट जीरो" उत्सर्जन परिदृश्य को प्राप्त करने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। नेट जीरो एक ऐसी स्थिति है जहां कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को संतुलित तरीके से धीरे-धीरे हटाकर या पूरी तरह से खत्म करके शून्य तक पहुंचा दिया जाता है। वहीं, हैरानी है कि ट्रम्प अब तक एक जलवायु योजना के साथ नहीं आए हैं। 

अब जीवाश्म ईंधन पर आते हैं। बिडेन चट्टानी गैस निकालने की प्रक्रिया 'फ्रैकिंग' पर प्रतिबंध का समर्थन नहीं करते हैं, जो एक अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाली प्रक्रिया है।  जमीन में गहरी ड्रिलिंग की जाती है, जिसके बाद जमीन में उच्च दबाव में पानी के मिश्रण को इंजेक्ट किया जाता है। यह चट्टान में फंसी गैस निकालने के लिए किया जाता है। वहीं, ट्रम्प भी सक्रिय रूप से फ्रैकिंग का समर्थन करते हैं। 

बिडेन जीवाश्म ईंधन पर सब्सिडी समाप्त करना भी चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि वह सार्वजनिक भूमि पर नए अपतटीय ड्रिलिंग और नए परमिट पर प्रतिबंध लगाएंगे। ये भूमि अमेरिकी संघीय सरकार द्वारा अमेरिकी लोगों के लिए भरोसे पर रखी जाती है और कई संघीय एजेंसियों द्वारा प्रबंधित की जाती है। दूसरी ओर ट्रम्प, अमेरिकी तेल और गैस उत्पादन को बढ़ावा देना चाहते हैं। उन्होंने अपने आसन्न पतन के बावजूद अपने कार्यकाल के दौरान कोयला उद्योग को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों को आगे बढ़ाया है।

दोनों उम्मीदवार अक्षय ऊर्जा पर पर्याप्त रूप से भिन्न हैं। बिडेन ने अमेरिका के लिए 2035 तक स्वच्छ बिजली का वादा किया है। साथ ही घोषणा की है कि वह नवीनीकरण के साथ-साथ नौकरियों पर शोध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नवीनीकरण पर ट्रम्प का रुख हालांकि विचित्र है। पवन ऊर्जा उसके अनुसार पक्षियों को मारती है। उन्होंने यह भी कहा है कि सौर ऊर्जा अभी तक काफी नहीं है और कारखानों को बिजली नहीं दे सकते।

पूरी रपट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


विवेक मिश्रा, https://www.downtoearth.org.in/hindistory/climate-change/climate-crisis/us-election-2020-results-will-decide-the-future-of-world-climate-issues-74079


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