यूपी : धान का सरकारी रेट 1888, किसान बेच रहे 1100-1200, क्योंकि अगली फसल बोनी है, कर्ज देना है

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published Published on Oct 11, 2020   modified Modified on Oct 11, 2020

-गांव कनेक्शन, उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के रहने वाले किसान जरनैल सिंह (50 वर्ष) अपना एक ट्राली धान लेकर पलिया मंडी बेचने गए थे लेकिन धान नहीं बिका। उन्हें वापस मायूस होकर घर लौटना पडा। रास्ते में उनकी मुलाकात गांव कनेक्शन से हुई। जरनैल सिंह बताते हैं, "एक ट्राली धान ले गए थे, लेकिन किसी व्यापारी ने खरीदा ही नहीं। जो रेट दे रहे थे वो 1000-1100 रुपए कुंतल का था। कोई सरकारी खरीद केंद्र चालू नहीं है। लेकिन हम आज वापस ले आए हैं तो कल बेचना पड़ेगा, क्योंकि हमारे पास कोई चारा (विकल्प) नहीं है। किसान धान रोक नहीं सकता। उसके पास न कोई गोदाम है न अगली फसल की बुवाई के लिए पैसा। बैंक का कर्ज़ देना है, मजदूरों का पैसा देना है, हमारी इसी मजबूरी का फायदा आढ़ती और कारोबारी उठाते हैं।"

जनरैल सिंह पीलीभीत के टोकरी फार्म कबीरगंज में रहते हैं, उनका गांव लखीमपुर खीरी के नजदीक है। जनरैल बड़े किसान हैं और इस बार उनके पास 250 कुंतल के आसपास अच्छी क्वालिटी का धान है। आगे वो आलू और गेहूं बोना चाहते हैं, लेकिन बाजार में धान का भाव नहीं। सरकारी खरीद केंद्र पर क्यों नहीं बेच रहे धान, इसके जवाब में जरनैल कहते हैं, "सरकार केंद्रों पर आम किसान का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है। वो नाम के केंद्र हैं। वहां आढ़तियों और व्यापारियों का धान खरीदा जाता है। काश्तकार को बता देंगे, आपके धान में नमी ज्यादा है, फरहा (खाली धान) ज्यादा है, रंग सही नहीं है, लेकिन अगर हम यही धान व्यापारी को औने-पौने दाम में बेच दें तो वो सब सही हो जाता है।" उत्तर प्रदेश में अच्छे धान (ए ग्रेड) का अधिकतम सरकारी रेट 1888 रुपए प्रति कुंतल है, लेकिन ज्यादातर जिलों में किसान 1000 रुपए से लेकर 1200 प्रति कुंतल बेचने को मजबूर है। जिन जिलों में सरकारी खरीद शुरू भी हो चुकी है वहां भी किसान 1000-1200 रुपए में धान बेच रहा है।

पूरी स्टोरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 


अरविंद शुक्ला, https://www.gaonconnection.com/desh/uttar-pradesh-government-rate-of-paddy-1888-farmers-are-selling-1100-1300-because-next-crop-is-sown-loan-is-to-be-given-481


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