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ऐसे लौटा सकते हैं हिमालय का वैभव- डा अनिल जोशी

भारत दुनिया के गिने-चुने देशों में से एक है, जिसे प्राकृतिक संसाधनों का असली वरदान प्राप्त है। हिमालय से लेकर समुद्र तक और मरुस्थल से लेकर दलदली क्षेत्र तक यह देश विशिष्ट परिस्थितियों का धनी है। इन सभी में हिमालय को सबसे ऊंचा स्थान मात्र इसकी ऊंचाई के लिए नहीं बल्कि इसकी राष्ट्रसेवा के लिए प्राप्त है। हिमालय देश के नौ राज्यों और कुल भूमि के 17 प्रतिशत क्षेत्र में...

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नेपाल से छूटा पानी तो उत्तर बिहार में इस बार मचेगी तबाही

बेतिया/बगहा : नेपाल के काली गंडक नदी में गिरे पहाड़ का मलवा बहने से भले ही बाढ़ का खतरा टल गया हो, लेकिन मलबे के रेत से भरे नदी की पेटी में पानी स्टोर की क्षमता में तीन लाख क्यूसेक कम हो गयी है. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बिहार पर आनेवाले दिनों में पड़ सकता है. ऐसे में अगर नेपाल से एक साथ छह लाख क्यूसेक पानी गंडक में...

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टूटा पहाड़, बिहार पर खतरा

वाल्मीकिनगर (बगहा)/बैरगनिया: नेपाल के म्यागदी जिले में बेनी बाजार रामछे गांव के पास काली गंडकी नदी में पहाड़ टूट कर गिर गया है. इससे नदी से पानी का बहाव पूरी तरह से बंद हो गया है और एक कृत्रिम झील बन गयी है. रविवार सुबह तक इसमें आठ लाख क्यूसेक पानी स्टोर हो चुका था. जल स्तर 150 फुट तक पहुंच गया है. पानी लगातार बढ़ रहा है. इससे...

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फसल बीमा दावे का निपटारा 45 दिन में होगा- अरविन्द सिंह

केंद्र सरकार ने बीमा कंपनियों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि में बर्बाद हुई फसलों के बीमा दावे का निपटारा 45 दिन में करने का निर्देश दिया है, जिससे किसानों को जल्द राहत पहुंचाई जा सके। लेकिन देश के 80 फीसदी किसान फसल बीमा योजना के दायरे से बाहर हैं। इसलिए उन्हें आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा। किसानों की इस दुर्दशा के लिए बीमा दावे के नियम व राज्य सरकारें जिम्मेदार हैं। कृषि...

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हर तरफ से टूट रहे तटबंध - प्रताप सोमवंशी

पानी के रास्ते में दजर्नों अड़ंगे हैं, इसलिए वह बांध तोड़ रहा है। बाढ़ के प्रबंधन में कुव्यवस्था और कमीशनखोरी इतनी है कि राज्य और केंद्र की योजनाओं में जगह-जगह पर रिसाव देखा जा सकता है। डूब क्षेत्रों में लगातार रिहाइश बढ़ती जा रही है। ऐसे में, बाढ़ और उससे होने वाली तबाही का संकट घटे तो कैसे? जून से सितंबर के बीच बाढ़ का शोर सुनाई पड़ता है। जैसे-जैसे...

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