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12 राज्यों में लोकायुक्त के पद ख़ाली, चार राज्यों ने क़ानून ही नहीं बनाया: आरटीआई

नई दिल्ली: सरकारी तंत्र में उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार के मामलों को देखने के लिए साल 2013 में ‘लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक' बनाया गया था. जहां एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार ने चार साल बाद भी लोकपाल की नियुक्ति नहीं की है, वहीं कई राज्यों का भी हाल ऐसा ही है. भ्रष्टाचार और पारदर्शिता के मुद्दे पर काम करने वाली गैर सरकारी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया द्वारा दायर सूचना का...

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विद्रोह की जमीन पर एक गांधीवादी- रामचंद्र गुहा

भारत के तीन ही राज्य हैं, जहां मेरा आज तक जाना नहीं हुआ। नगालैंड इनमें से एक है। अगली फरवरी में एक सामाजिक कार्यकर्ता नटवर ठक्कर के निमंत्रण पर वहां जाने का कार्यक्रम बना था, जिनके साथ पत्राचार तो काफी रहा, लेकिन मुलाकात कभी नहीं हुई। 1932 में पश्चिमी भारत में जन्मे नटवर भाई प्रख्यात गांधीवादी और देशभक्त काका साहब कालेलकर के संपर्क में आए और युवावस्था में ही अपना...

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चुनावों में पीछे छूटते असली मुद्दे- आशुतोष चतुर्वेदी

पांच राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, तेलंगाना और राजस्थान में विधानसभा चुनावों पर पूरे देश की निगाहें लगी हुईं हैं. नतीजे किस करवट बैठेंगे, इसको लेकर नेताओं की धड़कनें तेज हैं. छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर को पहले चरण का मतदान है. छत्तीसगढ़ की प्रकृति झारखंड से बहुत मिलती-जुलती है, लेकिन राजनीतिक समीकरण अलग हैं. छत्तीसगढ और मध्य प्रदेश में भाजपा का दबदबा रहा है और वह पिछले पंद्रह साल से...

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2006 से 2008 में यूपीए के कार्यकाल के बीच बंटे कर्ज ही डूबे : राजन

नई दिल्ली। बैंकों ने जो कर्ज 2006 से 2008 के बीच बांटे, उनमें से ही अधिकतर फंसे कर्ज में तब्दील हो गए। यह जानकारी रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने दी। उन्होंने यह बात फंसे कर्ज यानी नॉन परफॉर्मिंंग असेट (एनपीए) पर अपना पक्ष रखते हुए संसद की आकलन समिति के सामने रखी। उन्होंने इन तीन वर्षों में आवंटित किए गए कर्जों को सबसे बुरा कहा। गौरतलब है कि...

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पीएम की बातें और देश के सवाल-- योगेन्द्र यादव

क्या लाल किले और चांदनी चौक में फासला बढ़ रहा है? पंद्रह अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का भाषण सुनते वक्त यह सवाल मेरे जहन में कौंध रहा था. टीवी पर विपक्षी नेता और कई एंकर शिकायत कर रहे थे कि प्रधानमंत्री का भाषण बहुत राजनीतिक है. मुझे इसकी चिंता नहीं थी. स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण राजनीतिक होता है, होना भी चाहिए. यह भाषण...

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